IND vs ENG: लॉर्ड्स वनडे से पहले युवराज सिंह से क्यों बजवाई गई घंटी, जानिए क्या है अनोखी परंपरा

Times Now Hindi NaN days ago
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युवराज सिंह ने बजाई लॉर्ड्स की ऐतिहासिक घंटी (फोटो साभार- BCCI)

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे वनडे से पहले एक खास और भावुक पल देखने को मिला। मैच शुरू होने से ठीक पहले भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने लॉर्ड्स की ऐतिहासिक घंटी बजाई। युवराज का घंटी बजाना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि इसके पीछे लॉर्ड्स की एक अनोखी परंपरा और एक महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि देने का मकसद छिपा था।

क्या है लॉर्ड्स पर घंटी बजाने की परंपरा?

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड को 'क्रिकेट का मक्का' कहा जाता है। साल 2007 में यहां एक खास परंपरा शुरू हुई। लॉर्ड्स में टेस्ट या वनडे मैच के हर दिन खेल शुरू होने से पांच मिनट पहले किसी पूर्व खिलाड़ी, क्रिकेट से जुड़ी बड़ी हस्ती या खास मेहमान से घंटी बजवाई जाती है। यह घंटी लॉर्ड्स के पवेलियन में बॉलर्स बार के बाहर लगी है। घंटी बजने का मतलब होता है कि अब खेल शुरू होने वाला है। यह परंपरा खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए बेहद खास मानी जाती है।

युवराज सिंह से क्यों बजवाई गई घंटी

इस बार BCCI और ECB ने मिलकर युवराज सिंह को यह सम्मान दिया। इसके दो बड़े कारण थे। पहला यह कि युवराज सिंह खुद लॉर्ड्स के मैदान पर कई यादगार पारियां खेल चुके हैं। साल 2002 में हुई नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल कौन भूल सकता है, जिसमें उनकी 69 रन की पारी को कौन भूल सकता है। दूसरा, यह मैच वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स को समर्पित था। उनके निधन पर श्रद्धांजलि देने के लिए एक भारतीय दिग्गज से घंटी बजवाने का फैसला लिया गया। युवराज खुद भी एक बेहतरीन ऑलराउंडर रहे हैं। घंटी बजाने के बाद युवराज ने कहा, "लॉर्ड्स में घंटी बजाना मेरे लिए गर्व की बात है। यह मैदान मेरे दिल के बहुत करीब है। सर गैरी सोबर्स हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेंगे।"

श्रद्धांजलि का माहौल

घंटी बजने के तुरंत बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी और मैच अधिकारी मैदान पर एक मिनट का मौन रखने के लिए खड़े हुए। सभी खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर उतरे थे। पूरा स्टेडियम सर सोबर्स के सम्मान में खामोश था।

आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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