स्पेन पर पैसों की बारिश: FIFA World Cup जीतते ही मालामाल हुए स्पेनिश खिलाड़ी, मिले 491 करोड़!
By: सुमित कुमार
FIFA World Cup 2026 prize money: फुटबॉल के महाकुंभ 'FIFA World Cup 2026' का रोमांचक समापन हो गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही स्पेन को इतिहास की सबसे बड़ी इनामी राशि मिली है।
स्पेन को विजेता के तौर पर 51 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 491.86 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है। यह राशि 2022 के कतर वर्ल्ड कप के मुकाबले कहीं अधिक है, जो फीफा के बढ़ते निवेश को दर्शाता है।
Congratulations to Spain, @FIFAWorldCup 2026 winners! 👏🇪🇸 pic.twitter.com/YjMqpcndR0
— FIFA (@FIFAcom) July 19, 2026
अर्जेंटीना, इंग्लैंड और फ्रांस की कमाई
उपविजेता रही अर्जेंटीना की टीम को भी एक बड़ी राशि मिली है। अर्जेंटीना को रनर-अप रहने के लिए 34 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 327.91 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से मात दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड को 30 मिलियन डॉलर मिले, जबकि चौथे स्थान पर रहे फ्रांस को 28 मिलियन डॉलर की इनामी राशि प्राप्त हुई। यह इंग्लैंड के लिए दशकों बाद विश्व कप में उनके बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक रहा।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 पुरस्कार वितरण
फीफा द्वारा टीमों को उनके प्रदर्शन के अनुसार पुरस्कार राशि इस प्रकार बांटी गई है:
- विजेता (स्पेन): 51 मिलियन डॉलर (लगभग 491.86 करोड़ रुपये)
- उपविजेता (अर्जेंटीना): 34 मिलियन डॉलर (लगभग 327.91 करोड़ रुपये)
- तीसरा स्थान (इंग्लैंड): 30 मिलियन डॉलर
- चौथा स्थान (फ्रांस): 28 मिलियन डॉलर
- क्वार्टर-फाइनलिस्ट (5वें से 8वें स्थान): 20 मिलियन डॉलर प्रति टीम
- राउंड ऑफ 16 (9वें से 16वें स्थान): 16 मिलियन डॉलर प्रति टीम
- राउंड ऑफ 32 (17वें से 32वें स्थान): 12 मिलियन डॉलर प्रति टीम
- ग्रुप स्टेज टीमें (33वें से 48वें स्थान): 10 मिलियन डॉलर प्रति टीम
व्यक्तिगत सम्मान: रोड्रि और एम्बाप्पे का जलवा
टीम के अलावा व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन के स्टार मिडफील्डर रोड्रि को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनते हुए 'गोल्डन बॉल' से नवाजा गया। अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी को 'सिल्वर बॉल' मिली, जबकि फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे को 'ब्रॉन्ज बॉल' से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही, किलियन एम्बाप्पे ने 10 गोल दागकर 'गोल्डन बूट' का खिताब अपने नाम किया, जिससे उन्होंने एक बार फिर अपनी गोल करने की अद्वितीय क्षमता साबित की।