जब सिर्फ 10 गेंदों के बाद रद्द करना पड़ा टेस्ट मैच, क्रिकेट इतिहास की गजब घटनाओं में से एक
13 फरवरी 2009 को शुरू हुए इस मुकाले में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। लेकिन मैच शुरू होते ही गेंदबाजों को रन-अप पर संतुलन बनाने में परेशानी होने लगी।
पहले ही ओवर में तेज गेंदबाज जेरोम टेलर रन-अप पर अपना संतुलन खो बैठे और पहली कोशिश में गेंद फेंक ही नहीं सके। दूसरी कोशिश में भी उन्हें अपना रन-अप बदलना पड़ा। दूसरे ओवर में फिडेल एडवर्ड्स की स्थिति और भी खराब हो गई। रन-अप पर रेत उखड़ रही थी और उनके पैर बार-बार फिसल रहे थे। लगातार तीन बार गेंद डालने की कोशिश नाकाम होने के बाद उन्होंने गुस्से में गेंद विकेटकीपर की ओर फेंक दी। इसके बाद अंपायरों ने तुरंत खेल रोक दिया और उस समय इंग्लैंड का स्कोर बिना किसी नुकसान के 7 रन था।
लेकिन रन-अप इतना नरम था कि तेज गेंदबाजों के लिए दौड़ना खतरनाक साबित हो रहा था। मैच रेफरी एलन हर्स्ट ने
पहले ही रेफरी ने दी थी चेतावनी
2007 वर्ल्ड कप के दौरान ड्रेनेज से जुड़ी गंभीर समस्याओं के बाद सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम के आउटफील्ड को अक्टूबर में दोबारा तैयार किया गया था और उसमें रेत (Sand-based Outfield) का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, मैच से एक दिन पहले आईसीसी मैच रेफरी एलन हर्स्ट ने इसे "असंतोषजनक" (Unsatisfactory) घोषित किया। उन्होंने यह भी कहा था कि वास्तविक स्थिति का अंदाजा तभी लगाया जा सकता है, जब मैच शुरू होगा।
पहले भी हुआ था कुछ ऐसा
इससे पहले 1998 में सबीना पार्क टेस्ट भी खराब पिच के कारण रद्द हुआ था, लेकिन वहां बल्लेबाजों की सुरक्षा चिंता का विषय थी। एंटीगा में पहली बार गेंदबाजों की सुरक्षा के कारण टेस्ट मैच रोकना पड़ा। इस घटना ने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (WICB) की काफी किरकिरी हुई और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
तीसरा टेस्ट दूसरे मैदान पर खेला गया
इस घटना के बाद तीसरे टेस्ट को जल्दबाजी में एंटीगा के पुराने एंटीगुआ रिक्रिएशन ग्राउंड में शिफ्ट करना पड़ा। अधिकारियों ने अन्य विकल्पों पर भी विचार किया, लेकिन समय की कमी के कारण पुराने मैदान को ही तैयार किया गया।