IND vs NZ: वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर उतारने पर उठे सवाल, अश्विन ने टीम मैनेजमेंट को दी बड़ी सलाह

Punjabkesari.in NaN days ago
Sports

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खामोश रहा। चोटिल ईशान किशन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए वैभव को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, लेकिन वह आठ गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। अब भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनकी बल्लेबाजी पोजिशन पर सवाल उठाते हुए टीम मैनेजमेंट को अहम सलाह दी है।

'वैभव सूर्यवंशी पानी से बाहर मछली की तरह दिखे'

क्राइस्टचर्च में भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला समाप्त होने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने प्रसारक से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन का विश्लेषण किया।  अश्विन ने कहा, 'यह मिस रहा। वैभव जैसे युवा क्रिकेटर के लिए इसे मिस कहना भी मुझे लगता है कि अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन मेरे पास हिट या मिस के केवल दो विकल्प हैं, इसलिए वह थोड़ा पानी से बाहर मछली की तरह नजर आए। वह लगातार बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते रहे और आठ गेंदों तक ऐसा ही करते रहे।'

'नंबर-3 पर बल्लेबाजी करना उनके लिए सही भूमिका नहीं'

अश्विन के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते समय सहजता महसूस नहीं हुई। वह आमतौर पर आक्रामक अंदाज में खेलने के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस मुकाबले में छठे ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरने के बाद उन्हें अपनी पारी को संभालने में परेशानी हुई।

पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा, 'ऐसा नहीं लगा कि वह गेंद को सही टाइमिंग के साथ खेल पा रहे थे। जब ऐसा होता है, तब आपको एक अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत होती है, जो उनके पास जाकर उन्हें शांत रहने के लिए कहे।' अश्विन का मानना है कि युवा खिलाड़ी को दबाव के समय सही मार्गदर्शन देना टीम के वरिष्ठ बल्लेबाजों की जिम्मेदारी भी है।

अश्विन की सलाह- वैभव नहीं, संजू सैमसन को भेजें नंबर-3 पर

रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि अगर टीम इंडिया वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तीनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में खिलाना चाहती है, तो संजू को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है।

अश्विन ने कहा, 'देखिए, मुझे लगता है कि उन्होंने पहले भी इस संयोजन के साथ खेला है और तब संजू को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए नीचे आना पड़ा था। अगर टीम इसी संयोजन के साथ खेलना चाहती है, तो मुझे यकीन नहीं है कि वैभव को ही नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। लेकिन जो हुआ, वह हुआ। आज वैभव के लिए यह प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।'

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन

ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी20 में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्हें नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह आठ गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। इस दौरान वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रभाव नहीं छोड़ सके।

भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और शीर्ष क्रम के लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ गया। ऐसे में वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सके। हालांकि, एक खराब पारी के आधार पर उनकी क्षमता का आकलन करना जल्दबाजी होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी मुकाबलों में टीम मैनेजमेंट उन्हें किस क्रम पर बल्लेबाजी का मौका देता है।

तिलक वर्मा के धैर्य से प्रभावित हुए अश्विन

रविचंद्रन अश्विन ने तिलक वर्मा की बल्लेबाजी और दबाव में उनके प्रदर्शन की भी तारीफ की। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर भारत को चार विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

अश्विन ने कहा, 'तिलक वर्मा भी शानदार धैर्य दिखा रहे हैं। मैं अभी नीतीश के टेम्परामेंट को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूं, लेकिन भारत के मिडिल ऑर्डर और लोअर मिडिल ऑर्डर में इतनी ताकत है कि विरोधी टीमों को चिंता करनी पड़ेगी। मेरे लिए यह टीम का एक बड़ा सकारात्मक पक्ष है।' अश्विन की यह टिप्पणी भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम में बढ़ती गहराई को दर्शाती है।

अब तीसरे टी20 में टीम इंडिया की रणनीति पर रहेंगी नजरें

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला 27 अक्टूबर को खेला जाना है। दूसरे मैच में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर अश्विन की टिप्पणी के बाद टीम मैनेजमेंट के फैसले पर भी सबकी नजरें रहेंगी।

अगर संजू सैमसन को तीसरे नंबर पर भेजा जाता है, तो वैभव को उनकी पसंदीदा भूमिका में खेलने का मौका मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा। भारतीय टीम के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि युवा खिलाड़ियों को सही भूमिका और पर्याप्त आत्मविश्वास दिया जाए, ताकि वे अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन कर सकें।