Kumar Sangakkara: वकील बनना चाहते थे, क्रिकेटर बनकर सचिन-लारा के रिकॉर्ड को दी टक्कर; बचपन के प्यार को बनाया हमसफर

Prabhat Khabar NaN days ago

वकील बनने का था सपना, क्रिकेट ने बदल दी जिंदगी

कुमार संगकारा ने महज सात साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. शुरुआत में यह उनके लिए केवल एक शौक था. उनका इरादा पेशेवर क्रिकेटर बनने का नहीं, बल्कि कानून की पढ़ाई करके वकील बनने का था. हालांकि, क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बढ़ता गया और खेल में मिलने वाली सफलता ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी.

कुमार संगकारा
कुमार संगकारा

संगकारा ने श्रीलंका के कैंडी स्थित ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाई. अंडर-13 टीम से शुरुआत करने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया. इसके बाद महज 22 साल की उम्र में उन्हें श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई. उन्होंने 5 जुलाई 2000 को पाकिस्तान के खिलाफ वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. इसके बाद 20 जुलाई 2000 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी शानदार कवर ड्राइव से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया.

सचिन तेंदुलकर और ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड को दी चुनौती

संगकारा का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 15 साल तक चला. इस दौरान उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया. उन्होंने 134 टेस्ट मैचों में 12,400 रन बनाए, जिसमें 38 शतक और 52 अर्धशतक शामिल रहे. टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 319 रन था. वनडे क्रिकेट में भी संगकारा का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 404 मैचों में 14,234 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 25 शतक और 93 अर्धशतक निकले. वहीं, 56 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 1,382 रन बनाए.

संगकारा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 28,016 रन बनाए. इस उपलब्धि के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर रहे. सचिन के नाम 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं. टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतकों के मामले में भी संगकारा का रिकॉर्ड बेहद खास है. उन्होंने 11 दोहरे शतक लगाए. उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 12 दोहरे शतक बनाए थे.

महेला जयवर्धने के साथ बनाई 624 रन की ऐतिहासिक साझेदारी

कुमार संगकारा के करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में महेला जयवर्धने के साथ बनाई गई 624 रन की साझेदारी भी शामिल है. साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए यह ऐतिहासिक साझेदारी की थी. संगकारा ने इस मुकाबले में 287 रन बनाए थे, जबकि जयवर्धने ने 374 रनों की विशाल पारी खेली थी.

साल 2015 के वनडे विश्व कप में संगकारा ने लगातार चार शतक लगाकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह विश्व कप के इतिहास में लगातार 4 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने.

बचपन की क्रश से शादी तक, येहाली के साथ खूबसूरत प्रेम कहानी

कुमार संगकारा की जिंदगी में क्रिकेट के अलावा प्यार की कहानी भी खास रही है. उनकी मुलाकात येहाली से स्कूल के दिनों में कैंडी में हुई थी. दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. बताया जाता है कि संगकारा अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए येहाली को कविताएं लिखकर देते थे.

स्कूल के दिनों में शुरू हुआ यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत होता गया. पढ़ाई, दूरी और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. येहाली के कोलंबो चले जाने के बाद भी संगकारा उनसे मिलने के लिए लंबा सफर तय करते थे. उस दौर में दोनों के बीच फोन पर बातचीत और प्रेम पत्रों के जरिए संपर्क बना रहता था. कई साल तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने 2003 में शादी कर ली.

आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भी मिला स्थान

कुमार संगकारा की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2021 में आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया. वह एक शानदार बल्लेबाज होने के साथ बेहतरीन विकेटकीपर और कप्तान भी रहे. उनकी कप्तानी में श्रीलंका ने 2011 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां टीम को भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा.