EXPLAINER: अफगानिस्तान क्रिकेट को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में BCCI का है बड़ा हाथ, 5 प्वॉइंट्स में समझिए पूरी कहानी

NewsNationTv NaN days ago
how bcci helped afghanistan cricket rise to new heights understand in 5 key points
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम Photograph: (Image Source: AI)

How BCCI Has Helped The Afghanistan Cricket Team: भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाने वाला है. इसके बाद दोनों टीमों के बीच 13 जून से 20 जून तक 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ी भी एक्शन में नजर आएंगे. 2017 में फुल मेंबर टीम का दर्जा हासिल किया था और फिर इस टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. हर बार अफगानिस्तान की टीम अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका देती है. मगर, ये कहना गलत नहीं होगा कि अफगान टीम की इस सफलता में बीसीसीआई का बड़ा योगदान रहा है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कैसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अफगानिस्तान को सुविधाएं मुहैया कराईं, जिससे ये टीम यहां तक पहुंच सकी...

अफगानिस्तान को भारत में मिला होमग्राउंड

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को भारत में काफी अधिक पसंद किया जाता है और कम ही लोगों को ये बात मालूम होगी कि इस टीम का होमग्राउंड भी भारत में ही है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से पहली बार 2015 में भारत को अपना होमग्राउंड बनाने के लिए अनुरोध किया था. फिर बीसीसीआई ने भी हाथ आगे बढ़ाया.

जी हां, बीसीसीआई ने इस टीम को भारत में होमग्राउंड दिया और मौजूदा समय में लखनऊ का इकाना स्टेडियम अफगानिस्तान का होमग्राउंड है. इससे पहले ग्रेटर नोएडा में स्थित शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (क्रिकेट स्टेडियम) ही अफगान टीम का होमग्राउंड था. अब आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट को इस मुकाम तक पहुंचाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है.

पहली बार भारत ने ही अफगानिस्तान के साथ खेला टेस्ट मैच

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को 22 जून 2017 में फुल मेंबर टीम का दर्जा मिला और वह टेस्ट खेलने के लिए भी एलिजिबल हो गई. अफगानिस्तान के साथ सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली टीम कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम थी. ये मुकाबला 2018 में खेला गया था, जिसमें विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया की कमान संभाली थी.  मैच की बात करें, तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे.

भारत की ओर से मुरली विजय ने 105, शिखर धवन ने 107 रनों की शतकीय पारियां खेली थीं. उनके अलावा हार्दिक पांड्या ने 71 और केएल राहुल ने 54 रनों की पारी खेली थी. वहीं, अफगानिस्तान की टीम पहली पारी में 109 रन पर ऑलआउट हो गई. फिर भारत ने इन्हें फॉलोऑन खिलाया और दूसरी पारी में 103 रन पर ही ऑलआउट हो गई. नतीजन भारत ने महज 2 दिन में ही पारी और 262 रन से मैच जीत लिया. मगर, ट्रॉफी मिलने के बाद अजिंक्य रहाणे ने अफगानिस्तान की पूरी टीम को ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए स्टेज पर बुलाया था और फोटो खिंचवाई थी. खेल भावना के इस शानदार नजारे की दुनिया भर में तारीफ हुई थी. 

IPL में अफगान प्लेयर्स को मौका मिला

भारत में अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. ऐसे में आईपीएल में भी फ्रेंचाइजियां अफगान खिलाड़ियों पर बढ़चढ़कर बोली लगाती हैं और ये कहना गलत नहीं होगा कि इंडियन प्रीमियर लीग ने युवा अफगान प्लेयर्स को मैच विनर बनाने में मदद की है. 2017 में आईपीएल में खेलने आए राशिद खान आज दुनियाभर की फ्रेंचाइजी लीगों में खेलते हैं और दिग्गज स्पिनरों में गिने जाते हैं. राशिद खान ही नहीं बल्कि मोहम्मद नबी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, अल्लाह मोहम्मद ग़ज़नफ़र जैसे तमाम खिलाड़ियों ने आईपीएल में जलवा दिखाया है और उन्हें मोटी रकम देकर फ्रेंचाइजियों ने खरीदा है.

सुरक्षित वातावरण दिया

अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार आने के बाद वहां की स्थिति बेहद नाजुक रही है. इससे पहले भी वहां अक्सर खौफ का माहौल रहता था, जिसका सीधा असर क्रिकेट पर पड़ रहा था. मगर, फिर बीसीसीआई ने भारत में अफगानिस्तानी टीम को न केवल भारत में घरेलू मैदान मुहैया कराए बल्कि साथ ही सुरक्षित वातावरण भी दिया, जिसने अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे बढ़ने में मदद मिली है.

क्रिकेट इतिहास में पहली बार अफगानिस्तान की टीम सितंबर में भारत के खिलाफ घरेलू टी20 इंटरनेशनल सीरीज की मेजबानी करने जा रही है, जिसके सभी मुकाबले भारत में ही (दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम) खेले जाएंगे. सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से यह व्यवस्था की है. भारत में ही भारत की मेजबानी करने का मौका देने की बात हो. जी हां, अफगानिस्तान की टीम सितंबर में भारत की मेजबानी करेगी.

भारतीय दिग्गजों ने दी कोचिंग

अफगान खिलाड़ियों की रॉ-टैलेंट को तराशने के लिए भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों ने कोच की भूमिका निभाई. पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत और मनोज प्रभाकर (बैटिंग और बॉलिंग कोच के रूप में) ने शुरुआती दिनों में टीम को प्रोफेशनल गाइडेंस दी. 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत के पूर्व स्टार खिलाड़ी अजय जडेजा टीम के मेंटर/असिस्टेंट कोच बने, जिनकी रणनीतियों की बदौलत अफगानिस्तान ने इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी चैंपियन टीमों को धूल चटाई थी.

अफगानिस्तान क्रिकेट की 5 सबसे बड़ी उपलब्धियां

1. ICC फुल मेंबर टीम का दर्जा हासिल करना

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड 2001 में ICC का एफिलिएट सदस्य बना था. इसके बाद टीम ने एक के बाद एक बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और तेजी से प्रगति की. फिर 2017 में उसे ICC का फुल मेंबर दर्जा मिला. इसके साथ ही अफगानिस्तान को टेस्ट क्रिकेट खेलने का अधिकार भी मिल गया.

2. 2015 विश्व कप में पहली जीत

अफगानिस्तान ने 2015 क्रिकेट विश्व कप में पहली बार हिस्सा लिया था. इसी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने स्कॉटलैंड को हराकर विश्व कप इतिहास की अपनी पहली जीत दर्ज की थी. यह अफगान क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल था.

3. 2023 वनडे विश्व कप में इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका को हराना

भारत में खेले गए 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान ने शानदार प्रदर्शन किया था और सभी का दिल जीता था. अफगान टीम ने इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को हराया था और अंक तालिका में छठवां स्थान हासिल किया था. यह उनका अब तक का बेस्ट वनडे विश्व कप अभियान माना जाता है.

4. 2024 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचना

अफगानिस्तान की सबसे बड़ी उपलब्धि 2024 टी20 विश्व कप में देखने को मिली, जब टीम पहली बार किसी ICC विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची. अफगानिस्तान ने सुपर-8 चरण में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों को हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई.

5. पाकिस्तान के खिलाफ पहली ODI जीत

2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के साथ खेले गए लीग मैच में 8 विकेट से जीत दर्ज करके इतिहास रचा था. यह पाकिस्तान के खिलाफ उनकी पहली वनडे जीत थी. अफगानिस्तान ने 283 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर विश्व क्रिकेट को हैरान कर दिया था.