IND vs NZ: पहले दो टी20 मैचों में क्यों बेअसर दिखे भुवनेश्वर कुमार? कोच मोर्ने मोर्कल ने बताई वजह
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। आईपीएल में लगातार दो खिताबी सीजन के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले भुवनेश्वर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने के बाद संघर्ष करते नजर आए हैं। अब भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनके प्रदर्शन का बचाव करते हुए बताया है कि चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण क्यों रहा।
4 साल बाद वापसी, लेकिन प्रदर्शन ने किया निराश
भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी की है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए आईपीएल के लगातार दो खिताबी सीजन में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दो टी20 मुकाबलों में वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने आठ ओवर में 99 रन खर्च किए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया।
मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर की वापसी पर क्या कहा?
मोर्ने मोर्कल ने कहा, 'भुवनेश्वर की वापसी को लेकर मुझे काफी सहानुभूति है। चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने पर उनसे काफी उम्मीदें होंगी। उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है और बेहतरीन गेंदबाजी की है। ऐसे में उनके लिए सबसे जरूरी है कि वह उम्मीदों के दबाव को खुद पर हावी न होने दें।'
पहले टी20 में भुवनेश्वर ने लुटाए 49 रन
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने अपने चार ओवर में 49 रन खर्च किए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इस दौरान उन्होंने दो नो-बॉल भी फेंकी। हाई-स्कोरिंग मुकाबले में अक्षर पटेल के अलावा किसी अन्य भारतीय गेंदबाज ने उनसे ज्यादा रन नहीं दिए। इस प्रदर्शन के बाद उनकी गेंदबाजी को लेकर सवाल उठने लगे थे।
दूसरे टी20 में मिला विकेट, लेकिन फिर महंगे साबित हुए
दूसरे टी20 मुकाबले में भुवनेश्वर ने नई गेंद से डेरिल मिचेल को आउट करके भारत को सफलता दिलाई। हालांकि, वह अपने स्पेल का अच्छा अंत नहीं कर सके। उन्होंने एक और नो-बॉल फेंकी और अपने आखिरी ओवर में छक्का भी खाया। चार ओवर में उन्होंने 50 रन दिए, जिससे दो मैचों में उनके कुल खर्च 99 रन तक पहुंच गए।
सीमित तैयारी को लेकर मोर्कल का बयान
मोर्कल ने कहा, “उनके चयन से पहले लगभग एक महीने तक क्रिकेट और अभ्यास का समय मिला था। उन्होंने ट्रेनिंग जरूर की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतरना बिल्कुल अलग चुनौती है, जहां छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। कार्यक्रम व्यस्त होने के कारण उन्हें खुद को तैयार करने के लिए सीमित समय मिला।”
भुवनेश्वर को अपनी लय हासिल करने की सलाह
मोर्कल ने कहा, 'उनके पास कौशल और अनुभव की कोई कमी नहीं है। लेकिन हमें क्रिकेट का सम्मान करना होगा और उन्हें कुछ मैचों में अपनी लय हासिल करने का समय देना होगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब से वह टीम के साथ जुड़े हैं, हमारा संदेश यही रहा है कि किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। बस अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान दें। उम्मीदें जरूर रहेंगी, लेकिन हर मैच के साथ आप बेहतर होंगे और अपनी लय हासिल करेंगे। इसलिए बाहरी बातों के बारे में सोचने के बजाय अपने खेल पर ध्यान दें और अपनी स्वाभाविक शैली से गेंदबाजी करें।'
मयंक यादव को आराम देने के पीछे भी है खास वजह
मोर्कल ने मयंक यादव की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि पहले मैच में उनका प्रदर्शन खराब नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि युवा गेंदबाजों को कभी-कभी एक मैच से बाहर बैठकर अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने और खेल को बेहतर समझने का मौका मिलना चाहिए। मयंक को अभी गेंदबाजी की रणनीति, ओवर की योजना और बल्लेबाजों के खिलाफ सही तरीके से गेंदबाजी करना सीखना है।