छोटी सी उम्र में इतनी समझदारी! वैभव सूर्यवंशी की चालकी से मुकेश कुमार को मिला बड़ा विकेट, ईशान किशन हुए बॉस बेबी के फैन

NewsNationTv NaN days ago
Vaibhav Sooryavanshi
Vaibhav Sooryavanshi : Photograph: (X/BCCI)

Vaibhav Sooryavanshi : वैभव सूर्यवंशी की उम्र भले ही काफी छोटी है, लेकिन उनकी समझ उम्र से कहीं ज्यादा बड़ी है. इसका सबूत उन्होंने एक बार फिर से दिया है. वैभव सूर्यवंशी ने दिखा दिया है कि, छोटी सी उम्र में बड़ी समझदारी उनके पास है. वैभव ने अपनी चालाकी के दम पर खेल का रुख बदल दिया. उन्होंने तब अपना दिमाग दौड़ाया, जब अंपायर के साथ-साथ उनकी टीम के खिलाड़ी भी लगभग हार मान चुके थे. तब उन्होंने बतौर उपकप्तान टीम के कप्तान को समझाया और वो जैसा चाहते थे, वैसा करने के लिए मना लिया. 

छोटी उम्र में दिखी वैभव की चालाकी

दरअसल, वैभव सूर्यवंशी इस समय दलीप ट्रॉफी 2026-27 का फाइनल खेल रहे हैं. दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है. इस समय यानी मैच के तीसरे दिन साउथ जोन की टीम पहली पारी में बल्लेबाजी कर रही है. साउथ जोन की पारी में एक ऐसा मौका आया, जब वैभव सूर्यवंशी एक्शन में आए और उन्होंने ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन को रिव्यू लेने के लिए मनाया. 

आपको बता दें कि, साउथ जोन की पारी का छठवां ओवर ईस्ट जोन की ओर से मुकेश कुमार डाल रहे थे. उनके सामने बल्लेबाजी रिकी भुई कर रहे थे. रिकी 18 बॉल में 1 रन बनाकर खेल रहे थे. उन्हें मुकेश ने छठवें ओवर की दूसरी बॉल डाली, जो लेग स्टंप पर थी. बॉल उनके बल्ले का किनारा लेते हुए विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई. टीम के खिलाड़ियों ने अपील की लेकिन अंपायर ने रिकी भुई को नॉटआउट दे दिया. 

वैभव ने ईशान को रिव्यू के लिए मनाया

अंपयार का मानना था कि, बॉल बल्लेबाज के पैड से लगकर गई है. बॉल ने बल्ले का किनारा नहीं छुआ है. इसके बाद ईस्ट जोने के कप्तान ईशान किशन के पास डीआरएस यानी रिव्यू लेने का मौका था. टीम के बड़े खिलाड़ियों में चर्चा हुई की रिव्यू लेना चाहिए या नहीं लेना चाहिए. एक समय पर ऐसा लग रहा था कि, ईशान किशन रिव्यू लेने के पक्ष में नहीं हैं. तभी वैभव सूर्यवंशी की एंट्री हुई. 

वैभव सूर्यवंशी ने ईशान किशन को बारीकी के साथ समझया और अपना पक्ष रखा. वैभव ने कहा कि बल्ला बॉल से लगा है. आप रिव्यू लीजिए, हमें विकेट मिलेगा. इसके बाद ईशान ने तब रिव्यू लिया, जब रिव्यू खत्म होने में सिर्फ 1 सेकंड का समय बचा हुआ था. इसके बाद जब फैसला थर्ड अंपायर पर गया तो पता चला की बॉल बल्ले से लगकर गई थी और रिकी भुई को आउट दिया गया. 

वैभव सूर्यवंशी की समझदारी आई काम

इसके साथ ही वैभव सूर्यवंशी की समझदारी और चालकी की वजह से ईस्ट जोन को पहला विकेट मिला. मुकेश कुमार ने 1 रन के निजी स्कोर पर रिकी भुई को चलता किया. इस मैच में अब तक साउथ जोन ने पहली पारी में 34 ओवर में 2 विकेट खोकर 126 रन बना लिए हैं. इस मैच में ईस्ट जोन ने पहली पारी में ईशान किशन के दोहरे शतक की बदौलत 163 ओवर में 10 विकेट पर 708 रन बनाए. 

इस मैच में पहली पारी में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार पारी भी खेली थी. वैभव ने 37 बॉल में 5 चौके और 1 छक्के के साथ 44 रनों की पारी खेली. वहीं टीम के लिए ईशान किशन ने मैराथन पारी खेली. उन्होंने 334 बॉल में 30 चौके और 7 छक्कों के साथ 270 रनों की पारी खेली. 

वहीं कुशाग्र ने 128 गेंदों में शतक लगाया. वह अपनी इस पारी को और बड़ा नहीं बना सके और 101 रनों पर आउट हो गए. कुशाग्र 132 गेंदों पर 101 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 5 छक्के लगाए.