cricket fitness technology: मैच से पहले नहीं, डेटा से तय हो रही है टीम की प्लेइंग XI.

Prabhat Khabar NaN days ago

cricket fitness technology: क्रिकेट में अब सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि जीपीएस, पहनने वाली तकनीक और खेल-विज्ञान से खिलाड़ी का मूल्यांकन होता है. जानें कैसे.

डेटा बताएगा बल्लेबाज की असली क्षमता

किसी बल्लेबाज के कुल रन देखने के साथ यह भी देखा जाता है कि वह तेज गेंदबाजों, स्पिन गेंदबाजों, पावरप्ले और आखिरी ओवरों में कितना अच्छा खेलता है. जैसे सूर्यकुमार यादव का आकलन केवल उनके कुल रन से नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर रन बनाने की क्षमता और अलग-अलग गेंदबाजों के खिलाफ उनके प्रदर्शन से भी किया जाता है.

जसप्रीत बुमराह (एक्स)
जसप्रीत बुमराह (एक्स)

किसी बल्लेबाज की कमजोरी का फायदा कैसे उठाती है विपक्षी टीम?

आधुनिक क्रिकेट में मुकाबला अहम है. अगर कोई बल्लेबाज किसी खास तरह की गेंदबाजी के खिलाफ लगातार संघर्ष करता है तो विपक्षी टीम उसी कमजोरी का फायदा उठा सकती है. लेकिन छोटा नमूना या पुराना रिकॉर्ड किसी नतीजे की गारंटी नहीं होता. विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज के खिलाफ भी किसी एक गेंदबाज का पुराना रिकॉर्ड सिर्फ रणनीतिक संकेत देता है, अंतिम नतीजा नहीं.

हर मैच के लिए अलग खिलाड़ी क्यों जरूरी?

एक ही खिलाड़ी हर परिस्थिति में समान उपयोगी नहीं होता. तेज पिच पर अतिरिक्त तेज गेंदबाज और धीमी सतह पर स्पिन या स्ट्राइक बदलने में माहिर बल्लेबाज ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है. इसलिए आंकड़ा-आधारित विश्लेषण का सवाल सिर्फ “सबसे अच्छा खिलाड़ी कौन है?” नहीं, बल्कि “इस मैच के लिए सबसे उपयोगी खिलाड़ी कौन है?” भी है.

जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाजों के लिए क्यों अहम है वर्कलोड मैनेजमेंट?

तेज गेंदबाजों के लिए यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वे कितना खेल रहे हैं और उन्हें कितना आराम मिल रहा है. बीसीसीआई के सीओई में तेज गेंदबाजों के काम के बोझ, प्रदर्शन और फिटनेस पर नजर रखी जाती है. जैसे जसप्रीत बुमराह को लंबे क्रिकेट सीजन में खिलाने का फैसला करते समय उनकी फिटनेस के साथ यह भी देखा जाता है कि उनका शरीर कितनी अच्छी तरह आराम और मेहनत के बाद ठीक हो रहा है.

डेटा से ऐसे होगी परफॉर्मेंस की निगरानी

खिलाड़ी मैनेजमेंट सिस्टम से खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और प्रदर्शन की जानकारी को आसानी से संभाला जा सकता है. जीपीएस और पहनने वाली तकनीक से यह पता लगाया जाता है कि खिलाड़ी ने कितनी मेहनत की और उस पर कितना काम का बोझ है. इससे टीम को यह समझने में मदद मिलती है कि खिलाड़ी मैच खेलने के लिए कितना तैयार है.

क्या अब कंप्यूटर तय करेगा कौन सा खिलाड़ी खेलेगा?

अभी यह कहना सही नहीं होगा कि कंप्यूटर खुद तय करेगा कि कौन सा खिलाड़ी खेलेगा. बीसीसीआई में आंकड़ों का इस्तेमाल कोच, डॉक्टर, खेल-विज्ञान और फिटनेस टीम के साथ मिलकर बेहतर फैसले लेने में मदद के लिए किया जाता है. आने वाले समय में आंकड़े यह बता सकते हैं कि कौन सा खिलाड़ी या विकल्प बेहतर हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला कप्तान, कोच और चयनकर्ता ही करेंगे. यानी कंप्यूटर कप्तान की जगह नहीं ले रहा, बल्कि उसे बेहतर फैसला लेने के लिए ज्यादा जानकारी दे रहा है.