'फ्लेमिंग को जाना ही था', पूर्व CSK बल्लेबाज ने बताया क्यों अब टीम को चाहिए नया कोच
स्पोर्ट्स डेस्क: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के 18 साल लंबे कोचिंग कार्यकाल के बाद स्टीफन फ्लेमिंग का टीम से अलग होना IPL इतिहास के सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जा रहा है। अब इस फैसले पर पूर्व CSK बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मौजूदा समय में टीम को सिर्फ खिलाड़ियों को संभालने वाला (मैन-मैनेजर) नहीं, बल्कि तकनीकी और रणनीतिक रूप से मजबूत कोच चाहिए।
'युवा खिलाड़ियों के लिए तकनीकी कोच जरूरी'
अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर बद्रीनाथ ने कहा, 'भारतीय युवा खिलाड़ी तेजी से टीम में आ रहे हैं। ऐसे में टी20 क्रिकेट की बेहतरीन तकनीकी और रणनीतिक समझ रखने वाले कोच की जरूरत है। ऐसा कोच चाहिए जो सही खिलाड़ियों का चयन करे, उन्हें तैयार करे और मजबूत टीम बनाए।' उन्होंने कहा कि अब CSK बदलाव के दौर से गुजर रही है और टीम को भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेने होंगे।
'अब सिर्फ मैन-मैनेजर से काम नहीं चलेगा'
बद्रीनाथ का मानना है कि एमएस धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम की जरूरतें बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'मौजूदा CSK में सिर्फ मैन-मैनेजर होने से काम नहीं चलेगा। एमएस धोनी के बिना टीम को ऐसे कोच की जरूरत है जो तकनीकी रूप से खिलाड़ियों पर ज्यादा काम कर सके और मैच के दौरान बेहतर रणनीति बना सके।'
'फ्लेमिंग का जाना मुश्किल, लेकिन सही फैसला'
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि फ्लेमिंग का जाना भावनात्मक फैसला जरूर है, लेकिन टीम के भविष्य के लिए यह सही कदम है। उन्होंने कहा, 'फ्लेमिंग को विदा करना आसान नहीं था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह सही फैसला है।'
CSK के साथ फ्लेमिंग का सुनहरा सफर
स्टीफन फ्लेमिंग ने IPL के पहले सीजन (2008) में खिलाड़ी के रूप में CSK का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद 2009 से उन्होंने टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली और एमएस धोनी के साथ मिलकर चेन्नई को IPL की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में बदल दिया।
फ्लेमिंग के कार्यकाल में CSK ने पांच IPL खिताब जीते और कई बार फाइनल में जगह बनाई। हालांकि पिछले तीन लगातार सीजन में टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम का प्रदर्शन भी लगातार गिरता गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया।