अजिंक्य रहाणे ने चुनी ऑल-टाइम भारतीय टेस्ट 11, इन दिग्गजों को मिली जगह

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपनी ऑल-टाइम भारतीय टेस्ट प्लेइंग इलेवन का चयन किया है, जिसमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को जगह मिली है। हालांकि, उनकी इस टीम में विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल नहीं है। रहाणे की इस पसंद ने क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया है और उनके चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विराट कोहली को क्यों नहीं मिली जगह?

विराट कोहली भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने विदेशी मैदानों पर भारत को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और टीम में आक्रामक मानसिकता को बढ़ावा दिया। इसके बावजूद रहाणे की चुनी हुई टीम में उनका नाम शामिल नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नंबर चार पर सचिन तेंदुलकर को रखने के फैसले ने बल्लेबाजी क्रम में कोहली के लिए जगह सीमित कर दी।

जसप्रीत बुमराह को बाहर रखने पर भी उठे सवाल

कोहली के अलावा जसप्रीत बुमराह को टीम में जगह नहीं देना भी हैरान करने वाला फैसला रहा। बुमराह ने अपनी तेज गेंदबाजी से भारतीय टीम को अलग-अलग परिस्थितियों में सफलता दिलाई है। हालांकि, रहाणे ने तेज गेंदबाजी के लिए भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा को चुना। इस चयन के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या बुमराह को इन तीन गेंदबाजों में से किसी की जगह शामिल किया जा सकता था।

मुरली विजय और शिखर धवन को ओपनिंग की जिम्मेदारी

रहाणे ने अपनी ऑल-टाइम टेस्ट XI में मुरली विजय और शिखर धवन को सलामी बल्लेबाज के रूप में चुना है। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के लिए कई अहम मुकाबलों में पारी की शुरुआत की और मुश्किल परिस्थितियों में नई गेंद का सामना किया। मध्य-2010 के दौर में विदेशी मैदानों पर भी दोनों ने भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती देने में योगदान दिया था।

राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर को टॉप ऑर्डर में जगह

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ को तीसरे नंबर पर और सचिन तेंदुलकर को चौथे नंबर पर रखा गया है। द्रविड़ अपनी तकनीक और धैर्य के लिए जाने जाते रहे, जबकि सचिन ने लंबे समय तक भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ की भूमिका निभाई। इन दोनों खिलाड़ियों के चयन से रहाणे ने अपनी टीम के शीर्ष क्रम को अनुभव और स्थिरता देने की कोशिश की है।

एमएस धोनी को कप्तानी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी

रहाणे ने एमएस धोनी को अपनी टीम का विकेटकीपर और कप्तान चुना है। धोनी की टेस्ट क्रिकेट में उपलब्धियां भले ही उनके सीमित ओवरों के प्रदर्शन जितनी चर्चित न रही हों, लेकिन उनकी शांत नेतृत्व शैली ने भारतीय क्रिकेट पर गहरी छाप छोड़ी है। रहाणे के इस चयन से साफ है कि वह धोनी के नेतृत्व और विकेट के पीछे उनकी भूमिका को काफी महत्व देते हैं।

जडेजा और अश्विन संभालेंगे स्पिन विभाग

स्पिन गेंदबाजी की जिम्मेदारी रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को सौंपी गई है। दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट में गेंद और बल्ले से भारत के लिए अहम योगदान दिया है। अश्विन की विविधतापूर्ण स्पिन और जडेजा की सटीक गेंदबाजी के साथ उनकी बल्लेबाजी क्षमता टीम को संतुलन देती है। इन दोनों का चयन रहाणे की टीम के स्पिन आक्रमण को मजबूत बनाता है।

भुवनेश्वर, शमी और इशांत को तेज गेंदबाजी की कमान

रहाणे ने तेज गेंदबाजी के लिए भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा को चुना है। इन तीनों गेंदबाजों ने भारतीय टेस्ट टीम को विदेशी परिस्थितियों में विकेट दिलाने और विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, बुमराह की गैरमौजूदगी इस चयन का सबसे चर्चित पहलू बनी हुई है, क्योंकि कई प्रशंसक उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शामिल मानते हैं।