'बदकिस्मती से पाकिस्तान क्रिकेट में...' मिस्बाह उल हक में माना बीसीसीआई का दम, रोहित-विराट का नाम लेकर खोली PCB की पोल

NewsNationTv NaN days ago
Misbah ul Haq
Misbah ul Haq Photograph: (ANI)

Pakistan Cricket : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में इन दिनों बहुत उथल-पुथल चल रही है. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में मिली लगातार हार के बाद पीसीबी ने अपने 7 खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को बाहर कर दिया. इसके बाद टीम के चीफ सिलेक्टर मिस्बाह उल हक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अब उन्होंने इंडियन क्रिकेट की तारीफ की है और इसके साथ ही पीसीबी की पोल खोल कर रख दी है. उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली का नाम लेकर बड़ी बात बोली है. मिस्बाह ने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.

पाकिस्तान क्रिकेट की कमियों पर बोले मिस्बाह 

मिस्बाह उल हक ने कहा कि, 'हम विदेशी कोच को ज्यादा अधिकार और पावर देते हैं और अगर टीम खराब परफॉर्म करती है तो उन्हें कम जिम्मेदार ठहराया जाता है. इसके उलट, लोकल कोच हमेशा सभी की जांच का सामना करते हैं. पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस, क्रिटिक्स, पुराने खिलाड़ियों और बोर्ड को लोकल कोच को अधिक सपोर्ट देना चाहिए न कि सिर्फ उनकी बुराई करनी चाहिए'.

मिस्बाह ने आगे कहा कि, 'हमारे खिलाड़ियों के लिए फॉर्म और कॉन्फिडेंस वापस पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. हमें प्रेशर की वजह से घबराकर कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं करनी चाहिए. हमें परफॉर्मेंस और सिचुएशन को एनालाइज करने और फिर आगे बढ़ने का फैसला करने की जरूरत है. बदकिस्मती से हम पाकिस्तान क्रिकेट में रिएक्टिव फैसले लेने के आदी हैं'.

भारतीय क्रिकेट पर बोले मिस्बाह उल हक

जब मिस्बाह उल हक से पूछा गया कि निकाले गए खिलाड़ी इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान को इंग्लैंड दौरे वाली टीम में क्यों चुना गया और सिलेक्शन के क्राइटेरिया क्या थे. तो मिस्बाह ने विराट कोहली और रोहित शर्मा का नाम लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि, 'इंडियन क्रिकेट आगे बढ़ा क्योंकि वे घबराए नहीं और अपने प्लान पर टिके रहे. इंडिया अब क्रिकेट में पाकिस्तान पर इसलिए हावी है क्योंकि उनके खिलाड़ियों को ज्यादा एक्सपोजर मिला है और वो प्रेशर में परफॉर्म करने के लिए प्रोफेशनली और मेंटली मजबूत हैं'.

मिस्बाह ने अंत में कहा कि, 'हमारे युवा खिलाड़ी बहुत ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं और रेड-बॉल क्रिकेट में उनका अनुभव कम है. चार दिन का क्रिकेट काफी नहीं है. इसका मतलब है कि उनके पास दबाव में टूटने के ज्यादा मौके हैं. भारत को प्रोसेस करने और डेवलप होने में समय लगा और उन्होंने 90 के दशक के बाद अपने सिस्टम में धीरे-धीरे इन्वेस्टमेंट किया. सिस्टम का कोई क्विक फिक्स नहीं है'.

मिस्बाह उल हक का अंतरराष्ट्रीय करियर

फॉर्मेट अवधि मैच पारी नाबाद रन सर्वोच्च स्कोर औसत गेंदें स्ट्राइक रेट 100 50 चौके छक्के
टेस्ट 2001–17 75 132 20 5,222 161* 46.6 11,726 10 39 511 81
वनडे 2002–15 162 149 31 5,122 96* 43.4 6,945 73.8 0 42 342 83
टी20 इंटरनेशनल 2007–12 39 34 13 788 87* 37.5 715 110.2 0 3 45 26