Duleep Trophy Final: 99 पर आउट हुए तिलक वर्मा, पहली पारी में साउथ जोन 336 रनों पर सिमटी
चेपोक: दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा शतक से महज एक रन दूर रह गए। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के चौथे दिन साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। इसके साथ ही ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की विशाल बढ़त मिल गई है।
तिलक वर्मा ने संभाली पारी, लेकिन 99 पर टूट गया दिल
ईस्ट जोन के 708 रन के विशाल स्कोर के जवाब में साउथ जोन पर शुरुआत से ही दबाव था। ऐसे समय में 23 वर्षीय तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर शानदार बल्लेबाजी की। वह लगातार दूसरी सेंचुरी और दलीप ट्रॉफी में अपना तीसरा शतक पूरा करने की कोशिश में थे, लेकिन 99 रन पर उनका सपना टूट गया।
साउथ जोन के नौ विकेट गिरने के बाद तिलक पर पारी को संभालने के साथ-साथ स्ट्राइक अपने पास रखने की जिम्मेदारी थी। शतक पूरा करने की कोशिश में उन्होंने ऑफ स्पिनर कुनैन कुरैशी की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे गेंदबाज के हाथों में चली गई। इस तरह वह 99 रन पर आउट होकर पवेलियन लौटे।
मुकेश कुमार रहे ईस्ट जोन के स्टार गेंदबाज
साउथ जोन ने दिन की शुरुआत 242/6 के स्कोर से की थी। तिलक वर्मा और चामा मिलिंद ने शुरुआती दौर में पारी को संभाला। मिलिंद ने 43 रन की अहम पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही साउथ जोन का बल्लेबाजी क्रम बिखर गया।
साउथ जोन ने सिर्फ 18 रन के अंदर अपने चार विकेट गंवा दिए और पूरी टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3/62 का शानदार स्पेल किया। मोहम्मद शमी, शिखर मोहन और कुनैन कुरैशी ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए।
ईस्ट जोन के पास 372 रन की बड़ी बढ़त
साउथ जोन की पारी खत्म होते ही ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल हो गई। अब मुकाबले में सिर्फ एक दिन का खेल बाकी है और ईस्ट जोन ने खिताब जीतने की दिशा में बेहद मजबूत स्थिति बना ली है।
ईस्ट जोन की इस बढ़त की नींव कप्तान ईशान किशन की शानदार 270 रन की पारी ने रखी थी। किशन ने अपनी पारी में 30 चौके और 7 छक्के लगाए थे और टीम को 708 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया था।
तिलक वर्मा का रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
तिलक वर्मा इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। नॉर्थ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने पहली पारी में नाबाद 116 रन बनाकर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला था। उस समय साउथ जोन का स्कोर 80/5 था।
इसके बाद दूसरी पारी में भी तिलक ने 181 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए 79 गेंदों में नाबाद 51 रन की पारी खेली थी। उनकी इन दोनों पारियों ने लंबे फॉर्मेट में उनकी तकनीकी मजबूती और दबाव में बल्लेबाजी करने की क्षमता को दिखाया।
24 फर्स्ट क्लास मैचों में औसत 58 से ज्यादा
तिलक वर्मा ने रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपनी दावेदारी मजबूत की है। 24 फर्स्ट क्लास मैचों के बाद उनका बल्लेबाजी औसत 58 से ज्यादा है। उन्होंने अब तक 8 शतक और 7 अर्धशतक लगाए हैं।
वहीं ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन की 270 रन की पारी दलीप ट्रॉफी फाइनल के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। उनसे आगे सिर्फ रामन लांबा हैं, जिन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन के लिए फाइनल में 320 रन बनाए थे।
14 साल बाद खिताब जीतने की ओर ईस्ट जोन
ईस्ट जोन ने 708 रन बनाने के बाद साउथ जोन को 336 रन पर समेट दिया है। इस तरह टीम के पास 372 रन की बढ़त है और मुकाबले में सिर्फ एक दिन बचा है। ऐसे में ईस्ट जोन के पास 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने का सुनहरा मौका है।
दूसरी ओर साउथ जोन को अब मुकाबले में वापसी के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। तिलक वर्मा का 99 रन पर आउट होना उनकी पारी का सबसे बड़ा अफसोस रहेगा, लेकिन उनकी इस पारी ने एक बार फिर रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी बढ़ती साख को साबित किया है।