दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच हुआ ड्रॉ, तो कौन सी टीम उठाएगी ट्रॉफी? जानिए क्या कहता है BCCI का नियम
BCCI Rule For Duleep Trophy Final Draw: दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मैच ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन और तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन की टीम के बीच खेला जा रहा है. इस मुकाबले में ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जिसे उन्होंने और उनकी टीम ने सही साबित करके दिखाया. ईस्ट जोन की टीम 700 के स्कोर की तरफ बढ़ रही है. दूसरे दिन का खेल खत्म होने वाला है और अभी पहली पारी ही खेली जा रही है. ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि यदि दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच ड्रॉ पर खत्म होता है, तो आखिर कौन सी टीम ट्रॉफी उठाएगी? आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं...
फाइनल मैच ड्रॉ होने पर कौन सी टीम उठाएगी ट्रॉफी?
4️⃣,4️⃣,4️⃣
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
Ishan Kishan is on the charge 💥
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दलीप ट्रॉफी का फाइनल फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के नियमों के तहत खेला जाता है. ऐसे में अगर निर्धारित समय तक फाइनल का कोई नतीजा नहीं निकलता और मुकाबला ड्रॉ हो जाता है, तो पहली पारी में बढ़त बनाने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है. यानी फाइनल में दोनों टीमों की पहली पारियां पूरी होने के बाद जिस टीम के रन ज्यादा होंगे, उसे मैच में बढ़त हासिल मानी जाएगी और वही ट्रॉफी अपने नाम करेगी. दलीप ट्रॉफी के इतिहास में भी ड्रॉ हुए फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजेता तय होने के उदाहरण हैं.
उदाहरण के लिए, अगर टीम A पहली पारी में 400 रन बनाती है और टीम B 350 रन पर आउट हो जाती है, लेकिन मैच बारिश या समय की कमी के कारण ड्रॉ हो जाता है, तो टीम A चैंपियन बनेगी. वहीं, अगर दोनों टीमों की पहली पारियां बराबर रहती हैं और मैच ड्रॉ हो जाता है, तो स्थिति अलग हो सकती है. 2026 के मौजूदा नॉकआउट नियमों में ऐसे मामलों के लिए BCCI के विशेष प्रावधान लागू होते हैं.
That moment when Ishan Kishan reached 2️⃣5️⃣0️⃣ 👏👏
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
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ईशान किशन की टीम का जीतना लग रहा है तय
साउथ जोन के साथ खेले जा रहे फाइनल मैच में ईस्ट जोन का पलड़ा भारी लग रहा है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन की टीम ने पहले दिन बल्लेबाजी की और अब दूसरे दिन भी इस टीम ने बल्लेबाजी की. नतीजन, दिन का खेल खत्म होने से पहले टीम ने 700 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है. ऐसे में अब ये कहना गलत नहीं होगा कि ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम का पलड़ा भारी लग रहा है. जी हां, अब अगर तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम पहली पारी में इससे बड़ा स्कोर नहीं बना पाती है और मैच ड्रॉ पर खत्म होता है, तो ईशान किशन एंड कंपनी ट्रॉफी उठा लेगी.
ईशान किशन बतौर कप्तान नहीं हारे एक भी मैच
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी करते हुए ईशान किशन का रिकॉर्ड पूरी तरह अजेय रहा है, जहां उन्होंने 15 मैचों में एक भी बार हार का सामना नहीं किया है. ईशान किशन ने 8 मैच जीते हैं, जबकि 7 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए हैं. ऐसे में यदि ईशान किशन की टीम दलीप ट्रॉफी का फाइनल जीत लेती है, तो उनका ये अजेय रिकॉर्ड जारी रहेगा. आपको बता दें, ईशान किशन ने अपनी कप्तानी में झारखंड के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीता है.