भारत बनाम जिम्बाब्वे: टीम इंडिया की जर्सी पहनना अशोक शर्मा का पहला लक्ष्य, इन्हें मानते हैं आदर्श
भारत-जिम्बाब्वे की टीमें 23-26 जुलाई के बीच तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज खेलेंगी। दाएं हाथ का यह गेंदबाज सीनियर टीम में चुने जाने के बाद अब इंटरनेशनल डेब्यू करने की कोशिश कर रहा है।
सीरीज से पहले अपने लक्ष्यों के बारे में बात करते हुए अशोक ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
अशोक शर्मा ने 'जियो स्टार' से कहा, "मेरा पहला लक्ष्य भारत की जर्सी पहनना होगा। मैं उस पल का इंतजार कर रहा हूं जब मैं वह जर्सी पहनूंगा और अपने देश का प्रतिनिधित्व करूंगा। मैंने इसके लिए लंबे समय से इंतजार किया है, तो यह पहला लक्ष्य होगा। दूसरी बात यह है कि मैं वही करता रहूंगा जो मैं सबसे बेहतर जानता हूं। मैंने अब तक जो कुछ भी किया है- घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत, तैयारी और रूटीन- मैं बस उसी का पालन करता रहूंगा। मैं अपनी ताकत पर ध्यान दूंगा और कुछ भी अतिरिक्त करने की कोशिश नहीं करूंगा।"
अशोक शर्मा ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में भी बताते हुए कहा कि अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वह इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "अब जब मैं जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में हूं, तो मेरा अगला लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा विकेट लेना और अधिक से अधिक मैच खेलने की कोशिश करना होगा। मैं इस मौके का सही इस्तेमाल करना चाहता हूं। इसके बाद मेरा अगला लक्ष्य जल्द से जल्द भारत के लिए रेड-बॉल क्रिकेट खेलना होगा।"
अशोक शर्मा ने 'जियो स्टार' से कहा, "मेरा पहला लक्ष्य भारत की जर्सी पहनना होगा। मैं उस पल का इंतजार कर रहा हूं जब मैं वह जर्सी पहनूंगा और अपने देश का प्रतिनिधित्व करूंगा। मैंने इसके लिए लंबे समय से इंतजार किया है, तो यह पहला लक्ष्य होगा। दूसरी बात यह है कि मैं वही करता रहूंगा जो मैं सबसे बेहतर जानता हूं। मैंने अब तक जो कुछ भी किया है- घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत, तैयारी और रूटीन- मैं बस उसी का पालन करता रहूंगा। मैं अपनी ताकत पर ध्यान दूंगा और कुछ भी अतिरिक्त करने की कोशिश नहीं करूंगा।"
अशोक शर्मा साउथ अफ्रीका के पूर्व महान खिलाड़ी डेल स्टेन को अपना रोल मॉडल मानते हैं। उन्होंने बताया, "डेल स्टेन एक ऐसे गेंदबाज हैं, जो अपने आप में मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। जब उनका दिन होता था और उनकी बॉलिंग सटीक होती थी, तो वे अकेले दम पर मैच जिता सकते थे। वे कुछ ही ओवरों में विरोधी टीम से मैच छीन सकते थे। मैं उनके आक्रामक अंदाज, रन-अप, जोश और जिस तरह से वे बल्लेबाजों को फंसाते थे, उन सभी चीजों को फॉलो करता हूं। उनकी हर बात प्रेरणादायक है। मैं बतौर तेज गेंदबाज उन्हें अपना आदर्श मानता हूं।"