IPL 2026 से पहले टेंशन में वैभव सूर्यवंशी, बल्ला नहीं अब पेन से दिखाना होगा दम
हाथ में बल्ला हो तो वैभव सूर्यवंशी के सामने गेंदबाज खौफ में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला उल्टा है। वैभव के हाथ में बैट-बॉल नहीं बल्कि पेन और कंपास रहने वाला है। यही कारण है कि गेंदबाजों के लिए डर का पर्याय बन चुके वैभव खुद अब टेंशन में हैं। दरअसल वैभव अब अपनी 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने और क्रिकेट जगत की चकाचौंध से दूर एक सामान्य छात्र का जीवन जीने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। समस्तीपुर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल नील किशोर ने इस बात की पुष्टि की। साथ ही उन्होंने बताया कि वैभव को बाकी छात्रों की तरह ही ट्रीट किया जाएगा और उन्हें अलग से कोई तरजीह नहीं दी जाएगी।
“क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी हमारे स्कूल में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। उन्हें अपना एडमिट कार्ड मिल चुका है। चाहे शिक्षक हों, छात्र हों या अभिभावक, उनके आने से सभी में उत्साह है। हमने इस बात को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की है, क्योंकि वह अभी भी छात्र हैं और परीक्षा देंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को परीक्षा देने में कोई परेशानी न हो। परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने मात्र 80 गेंदों में 175 रन की पारी खेली थी, जहां उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए थे।
सात मैचों में 62.71 की औसत और 169.49 के स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाकर वे दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनकी बल्लेबाजी में एक शतक, तीन अर्धशतक और सर्वश्रेष्ठ स्कोर 175 रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड तोड़ 30 छक्के लगाए, जो 2022 के संस्करण में दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के 18 छक्कों से कहीं ज्यादा थे। दरअसल, अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है।
वह अंडर-19 वनडे में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने 25 पारियों में 56.48 की औसत, 165 से अधिक के स्ट्राइक रेट, चार शतक, सात अर्धशतक और 175 के सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ 1,412 रन बनाए हैं। अक्टूबर 2024 से वैभव का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। 2025 सीज़न से पहले हुए आईपीएल मेगा ऑक्शन में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के साथ 1.1 करोड़ रुपये का करार किया, जिससे वे आईपीएल के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ आईपीएल मुकाबले में, 14 साल की उम्र में, सूर्यवंशी टी20 में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और आईपीएल में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय बने।
आईपीएल में अपने सफर की शुरुआत पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर करने वाले वह सीजन के युवा और उभरते सितारों में से एक बन गए, उन्होंने सात पारियों में 36.00 के औसत और 206.55 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। लेकिन अब बारी पढ़ाई के पिच पर धमाल करने की है। उम्मीद है क्रिकेट के मैदान की तरह यहां भी वैभव अपने जवाबों से सवालों को बाउंड्री पार कर मार्क्स का शतक लगाने में कामयाब रहेंगे।
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